खुशियों के लम्हों की कीमत मुझसे पूछो...
गम पल में कैसे आते है मैंने देखा,
हर मुस्कान के पीछे का सच ख़ुशी नहीं है,
झूट बोलती है अक्सर वो टेढ़ी रेखा.
bahut gahare bhav.sunder abhivyakti
झूट बोलती है अक्सर वो टेढ़ी रेखा.behad achha misra hai...
खुशियों के लम्हों की कीमत मुझसे पूछो...कीमत और रचना दोनों अनमोल.
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bahut gahare bhav.sunder abhivyakti
ReplyDeleteझूट बोलती है अक्सर वो टेढ़ी रेखा.
ReplyDeletebehad achha misra hai...
खुशियों के लम्हों की कीमत मुझसे पूछो...कीमत और रचना दोनों अनमोल.
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