Friday, December 25, 2009

खुशियों के लम्हों की कीमत मुझसे पूछो...

गम पल में कैसे आते है मैंने देखा,

हर मुस्कान के पीछे का सच ख़ुशी नहीं है,

झूट बोलती है अक्सर वो टेढ़ी रेखा.

3 comments:

  1. bahut gahare bhav.sunder abhivyakti

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  2. झूट बोलती है अक्सर वो टेढ़ी रेखा.

    behad achha misra hai...

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  3. खुशियों के लम्हों की कीमत मुझसे पूछो...कीमत और रचना दोनों अनमोल.

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